400+ top तत्सम तद्भव शब्द हिंदी व्याकरण में तत्सम और तद्भव शब्दों का विशेष महत्व है। विद्यालयी शिक्षा से लेकर CTET, UGC NET, SSC, UPSC , State Commission तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में इनसे संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को इनकी सही जानकारी होना आवश्यक है। इनकी परीक्षा में आने की प्रबल संभावना होती है।
तत्सम शब्द का अर्थ
तत्सम शब्द ‘तद् + सम’ से मिलकर बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ “उसी के समान” होता है। ऐसे शब्द जो संस्कृत भाषा से बिना किसी परिवर्तन के हिंदी में ग्रहण किए गए हैं और हिंदी भाषा में उनका आम प्रयोग होता है उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।
उदाहरण: अग्नि, सूर्य, आकाश, रात्रि, आम्र, एकल आदि।
तद्भव शब्द का अर्थ
तद्भव शब्द ‘तद् + भव’ से बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ “उससे उत्पन्न” होता है। ऐसे शब्द जो संस्कृत शब्दों से समय के साथ ध्वनि और रूप में परिवर्तन होकर हिंदी में प्रचलित हुए हैं, उन्हें तद्भव शब्द कहते हैं।
उदाहरण: अग्नि – आग, अकेला – एकल, आम्र – आम, रात्रि – रात आदि।
आइए अब 400+ तत्सम तद्भव शब्द की विस्तृत सूची देखते हैं, जो सभी प्रतियोगी परीक्षाओं एवं हिंदी व्याकरण की तैयारी के लिए उपयोगी है।

400+ Top तत्सम तद्भव शब्द
| तद्भव — तत्सम शब्द |
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तद्भव — तत्सम शब्द अंधा — अंध अफीम — अहिफेन आँख — अक्षि आस — आशा आग — अग्नि अकेला — एकल अखरोट — अक्षोट थल — स्थल तांबा — ताम्र पात — पत्र पत्थर — प्रस्तर तीरथ — तीर्थ तालाब — तड़ाग दूध — दुग्ध भाप — वाष्प मरना — मरण प्यासा — पिपासा बच्चा — वत्स मक्खी — मक्षिका मोर — मयूर काम — कर्म बायाँ — वाम पिता — पितृ पुराना — पुरातन तीता — तिक्त थन — स्तन दही — दधि पोता — पौत्र झण्डा — ध्वज चूरन — चूर्ण चाक — चक्र गुन — गुण गोत — गोत्र चख — चक्षु घाव — घात जवान — युवक जोत — ज्योति कुत्ता — कुक्कुर ओठ — ओष्ठ कान — कर्ण किसान — कृषक कोहनी — कफोणी खुर — क्षुर अंधेरा — अंधकार आम — आम्र अचरज — आश्चर्य आग — अग्नि आठ — अष्ट ईख — इक्षु अकास — आकाश दस — दश तिगुना — त्रिगुण सलाई — शलाका अमिय — अमृत हाथ — हस्त हरा — हरित हल्दी — हरिद्रा साली — श्याली सात — सप्त रात — रात्रि मौत — मृत्यु लोग — लोक फूल — पुष्प पहर — प्रहर पूरब — पूर्व सपना — स्वप्न सच — सत्य भैंसा — महीष मीत — मित्र भगत — भक्त तुरंत — त्वरित थाली — स्थाल जनम — जन्म घड़ा — घट घाव — घात पर — उपरि धीरज — धैर्य पूस — पौष पैर — पाद हिरन — हरिण तू — त्वम् दृग — दृक् नंगा — नग्न सूरज — सूर्य सास — श्वश्रू पहनना — परिधान ब्याह — विवाह पौन — पवन सीख — शिक्षा लोहा — लौह सोना — स्वर्ण साला — श्याल घोड़ा — घोटक अजान — अज्ञान बैल — वृषभ पीला — पीत साँस — श्वास मेह — मेघ मकड़ी — मर्कटी अमावस — अमावस्या गीला — आर्द्र मग — मार्ग भेड़िया — वृक मुँह — मुख भँवरा — भ्रमर मरना — मरण बाँह — भुजा सुई — सूचिका पोथी — पुस्तक लंगड़ा — लंग बादल — वारिद दाहिना — दक्षिण मिट्टी — मृतिका धूल — धूलि पंछी — पक्षी जाना — याति नैन — नयन चाक — चक्र टकसाल — टंकशाला केकड़ा — कर्क कुत्ता — कुक्कुर मछली — मत्स्य माँ — मातृ मिठाई — मिष्टान्न घोड़ा — घोटक उल्लू — उलूक गाय — गो मक्खी — मक्षिका गीध — गृध्र कोयल — कोकिला जेठ — ज्येष्ठ भँवरा — भ्रमर बाघ — व्याघ्र भैंस — महिषी जामुन — जम्बु भैंसा — महिष हाथी — हस्ति सियार — श्रृंगाल जागना — जागरण सिंगार — श्रृंगार भूख — बुभुक्षा कबूतर — कपोत गदहा — गर्दभ ऊँट — उष्ट्र भगत — भक्त कछुआ — कच्छप बकरा — छाग मेंढक — मण्डूक भालू — भल्लूक बाघ — व्याघ्र ग्यारह — एकादश सबद — शब्द लहू — रक्त पढ़ना — पठन नेवता — निमंत्रण तेल — तैल पोता — पौत्र लोमड़ी — लोमशा बगुला — बक साथी — सार्थ बिच्छू — वृश्चिक सुअर — शूकर सांड — षण्ड बैल — बलीवर्द हिरण — हरिण गाय — गौ दाढ़ी — श्मश्रु मूँछ — श्मश्रु दीवाली — दीपावली दरसन — दर्शन ग्वाला — गोपालक पूरा — पूर्ण पंगत — पंक्ति नस — नस्या गोत — गोत्र घड़ी — घटिका परपोती — प्रपौत्री परपोता — प्रपौत्र चैत — चैत्र धान — धान्य जोगी — योगी चिड़िया — चटिका भाप — वाष्प दूल्हा — वर तुरंत — त्वरित फोड़ा — स्फोट पहनना — परिधान बगुला — वक पलंग — पर्यंक परख — परीक्षा नाच — नृत्य नैन — नयन माथा — मस्तक सोना — स्वर्ण सपूत — सुपुत्र हीरा — हीरक सफेद — श्वेत हरड़ — हरीतकी तीरथ — तीर्थ ओंठ — ओष्ठ आँसू — अश्रु पाँव — पाद आँख — अक्षि दाँत — दन्त कान — कर्ण बाल — केश कंधा — स्कंध कोहनी — कफोणी नाक — नासिका गेहूँ — गोधूम कपूर — कर्पूर ईख — इक्षु पाँव — पाद बाल — केश गोबर — गोमय अखरोट — अक्षोट सिंघाड़ा — श्रृंगाटक चना — चणक गाहक — ग्राहक पूस — पौष भौंरा — भ्रमर सात — सप्त वर्षा — वर्षा ऊँचा — उच्च नीम — निम्ब दही — दधि केला — कदली हल्दी — हरिद्रा नारियल — नारिकेल मक्खन — मृक्षण खीर — क्षीर आँवला — आमलक इलायची — एला जौं — यव हींग — हिङ्गु सोंठ — शुण्ठी इमली — अम्लिका कटहल — कण्टफल दूब — दूर्वा भतीजी — भ्रातृजा बहन — भागिनी माता — मातृ भांजा — भागिनेय चाचा — पितृव्य नंदोई — ननदपति बुआ — पितृश्वसा पतोहू — पुत्रवधू ससुराल — श्वसुराल अटारी — अट्टालिका पनही — उपानह कोख — कुक्षि पीठ — पृष्ठ भूख — बुभुक्षा कपड़ा — कर्पट मोती — मौक्तिक दीठ — दृष्टि सेठ — श्रेष्ठ पसीना — प्रस्वेद पंगत — पंक्ति छाता — छत्र चैत — चैत्र चमार — चर्मकार सूना — शून्य घी — घृत पूनम — पूर्णिमा रतन — रत्न पछतावा — पश्चाताप नया — नव नोन — लवण दुबे — द्विवेदी थकान — श्रान्ति टकसाल — टंकशाला ठंडा — शीतल गोद — क्रोड़ गुफा — गुहा उगना — उद्गम एकलौता — एकमात्र करोड़ — कोटि कुटुम — कुटुम्ब काटना — कर्तन अमी — अमृत अहेर — आखेट अगम — अगम्य आठ — अष्ट इतना — इयत् क्या — किम् उपास — उपवास उठ — उत्तिष्ठ किसन — कृष्ण खत्री — क्षत्रिय खेती — क्षेत्र गनेश — गणेश सोता — स्रोत रानी — राज्ञी रीस — ईर्ष्या हलका — लघु सौ — शत मेह — मेघ लगन — लग्न बिछोह — वियोग सयाना — सज्ञान यहाँ — अत्र रोटी — रोटिका रस्सी — रज्जु लाख — लक्ष मसान — श्मशान पाहन — पाषाण फन्दा — पाश बनिया — वणिक फागुन — फाल्गुन बटेर — वर्तक बहुत — बहुत्व नेह — स्नेह निठुर — निष्ठुर दबना — दमन निडर — निर्दर मदारी — मन्त्रकारी बाहर — बहिर् बड़ — वर सगा — स्वक लकड़ी — लगुड लौंग — लवंग मानुस — मनुष्य राख — क्षार लिपटना — लिप्त तू — त्वम् दाहिना — दक्षिण धूल — धूलि चूना — चूर्ण चौखट — चतुष्काष्ठ चौंरी — चमरी छोभ — क्षोभ छिन — क्षण ओस — अवश्याय औगुन — अवगुण उठान — उत्थान कई — कति कांटा — कण्टक परपोता — प्रपौत्र परपोती — प्रपौत्री तलवार — तरवारि तिनका — तृण पैदल — पदाति बहनोई — भगिनीपति बहिरा — बधिर बखान — व्याख्यान मिर्च — मरिच झण्डा — ध्वज ढीला — शिथिल जीभ — जिह्वा जलना — ज्वलन जोगी — योगी उठ — उत्तिष्ठ उगना — उद्गत काँच — काच कड़ुआ — कटु कोढ़ी — कुष्ठी खोदना — क्षोदन खुर — क्षुर इतना — इयत् अधरम — अधर्म अहेर — आखेट कीड़ा — कीटक कुम्हार — कुंभकार काजल — कज्जल कंघी — कंकति काटना — कर्तन पड़ोस — प्रतिवेश पोखरा — पुष्कर तिनका — तृण थाली — स्थाली परनाला — प्रणाल नेवला — नकुल धुनि — ध्वनि बालू — बालुका बौना — वामन बादल — वारिद पूँछ — पुच्छ बाँसुरी — वंशी पुजारी — पूजाकारी बाँया — वाम बौना — वामन माथा — मस्तक पिटारा — पिटक पीपल — पिप्पल लुहार — लौहकार लगना — लग्न रखना — रक्षण रीता — रिक्त बगुला — वक बड़ा — वृहत् बेल — बिल्व तपसी — तपस्वी दाई — धात्री पूरा — पूर्ण नाखून — नख दरसन — दर्शन धोना — धावन चौक — चतुष्क चौथा — चतुर्थ |
400+ top तत्सम तद्भव शब्द प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण MCQ
1. निम्नलिखित में से कौन सा तत्सम शब्द है?
1.काम 2. सिल 3. हस्त 4. पत्थर
सही उत्तर – हस्त।
2. हल्दी का तत्सम शब्द है?
1. हरदी 2. हल्दिका 3. हरद 4. हरिद्रा।
सही उत्तर – हरिद्रा।
3. निम्नलिखित में से एक तद्भव शब्द है.
1. मेघ 2. मकर 3. मगर 4. रोम।
सही उत्तर – मगर।
4. हस्त का तद्भव है.
1. हाथ 2. हस्तिनी 3. हाथी 4. हथियार
सही उत्तर – हाथ।
5. वकील किस भाषा का शब्द है?
1. फारसी 2. अरबी 3. तुर्की 4. पुर्तगाली
सही उत्तर – अरबी।
6. इनमें से कौन सा शब्द तत्सम नहीं है.
1. पहर 2. श्याल 3.लोचन 4. शत
सही उत्तर – पहर।
7. प्रिय का तद्भव शब्द है.
1. पिय 2. प्रेम 3. प्रिया 4.प्यार
सही उत्तर – पिय।
8. लोटा शब्द है?
1. तत्सम 2. देशज 3. तद्भव 4. विदेशज
सही उत्तर – देशज।
9. निम्नलिखित में से तत्सम शब्द का चयन कीजिए.
1. नहना 2. दशम 3. तीखा 4. बारात
सही उत्तर – दशम।
10. घोटक का तद्भव क्या है.
1. हय 2. अश्व 3. घोड़ा 4. तुरंग
सही उत्तर – घोड़ा।
FAQ
तत्सम शब्द किसे कहते हैं?
संस्कृत से बिना परिवर्तन के हिंदी में आए शब्द तत्सम कहलाते हैं।
तद्भव शब्द किसे कहते हैं?
संस्कृत शब्दों से ध्वनि परिवर्तन के बाद बने हिंदी शब्द तद्भव कहलाते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं में तत्सम–तद्भव से कितने प्रश्न आते हैं?
अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं में 1 से 5 प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
क्या यह सूची सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है?
हाँ, यह सूची CTET, UGC NET, SSC, UPSC, HPPSC, HP Patwari, TET तथा अन्य परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।
हमें उम्मीद है कि 400+ तत्सम तद्भव शब्द की यह सूची आपके लिए उपयोगी रही होगी।
अधिक जानकारी के लिए: NCERT की हिंदी पुस्तकों का अध्ययन करें।
